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10 भारतीय ब्रांड जो विदेशी कंपनियाें को भी देते हैं टक्कर

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आज की दुनिया काफी ब्रांडेड हो गयी है , जिसे देखो हर तरफ ब्रांड का क्रेज लगा हुआ कुछ दिन पहले जो अमीर आदमी हुआ करते थे उनमे ये ब्रांडेड चीजों का इस्तेमाल ज्यादा करते थे क्युकी वो सोचते थे ब्रांडेड सामान लोकल सामान से अच्छी होती है , लेकिन अब  इन अवधारणा को लेकर धीरे-धीरे समाज के अन्य तरह का लोग भी ब्रांडेड चीजों को इस्तेमाल करने लगे है . भारत के अगर ब्रांडेड चीजों की बात करे तो हमेशा दिमाग में विदेशी कंपनियों का  नाम ही आता है,  अगर आप भी ऐसा सोचते है तो आप गलत है आज हम आपको   भारत के कुछ टॉप 10 ऐसी कंपनियों का लिस्ट लाये है,जो टॉप विदेशी ब्रांड्स को बराबरी की टक्कर दे रहे हैं.

कैफे कॉफी डे

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पहला कैफे कॉफी डे (सीसीडी) 11 जुलाई 1996 को कर्नाटक के ब्रिगेड रोड पर खोला गया था. आज यह दुनिया के सबसे फेमस कॉफी ब्रांड्स में से एक है. साथ ही सीसीडी संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोप और जापान सहित दुनिया के कई हिस्सों में अपने कॉफी बीन्स निर्यात करता है.

माइक्रोमैक्स

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2010 में लॉन्च किया गया मोबाइल का यह ब्रांड बहुत ही कम समय में काफी प्रसिद्ध हो गया था. इसका मुख्यालय हरियाणा के गुड़गांव में स्थित है. इस फोन ने आते ही सैमसंग जैसे स्थापित ब्रांड की बिक्री पर गहरा असल डालते हुए बाजार में अपना कब्जा जमा लिया था. 24 जनवरी 2014 को माइक्रोमैक्स पहला भारतीय ब्रांड बना था, जिसकी बिक्री रूस में शुरू की गई थी.

एयरटेल

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भारती एयरटेल कंपनी भारत ही नहीं बल्कि दुनिया की लीडिंग टेलीकम्युनिकेशन कंपनी है. इसका मुख्यालय दिल्ली में है और इसके मालिक सुनील भारती मित्तल हैं. अगस्त 2013 तक इस भारतीय ब्रांड के पूरी दुनिया में लगभग 275 मिलियन सब्सक्राइबर हो चुके थे.

ओल्ड मोंक

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रम का यह भारतीय ब्रांड कई सालों तक सबसे बड़ा भारतीय निर्मित विदेशी शराब का ब्रांड रहा है. इसे 1954 में मोहन मेअकिन लिमिटेड ने बनाना शुरू किया था. ये कंपनी उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद में स्थित है। ये डार्क रम अपने स्वाद की वजह से जानाी जाती है. कुछ समय पहले तक ये ब्रांड पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा बिकने वाला डार्क रम में शुमार था.

लैक्मे

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लैक्मे विदेशों के कई ब्यूटी ब्रांड को कड़ी टक्कर दे रहा है. इसकी शुरुआत 1952 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के कहने पर की गई थी. वे इस बात से प्रभावित थे कि भारतीय महिलाएं विदेशी ब्यूटी ब्रांड्स पर कई रुपये खर्च करती हैं. इसलिए उन्होंने जेआरडी टाटा से भारत में ही ब्यूटी प्रोडक्ट निर्मित करने को कहा था। इसके चलते इस ब्रांड की स्थापना की गई थी.

इंफोसिस

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सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और आउटसोर्सिंग जैसे सेवाएं प्रदान करने वाली यह कंपनी मूलरूप से बैंगलोर की है. आज यह दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है. 15 फरवरी 2015 को इसकी मार्केट वेल्यू लगभग 2,63,735 करोड़ रुपए थी. इसके चलते ये भारत की छठी सबसे बड़ी सार्वजनिक कारोबार वाली कंपनी बन गई थी.

रॉयल एनफील्ड

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चेन्नई में स्थित भारतीय मोटरसाइकिल का यह ब्रांड पूरी दुनिया में पसंद किया जाता है. इसकी रॉयल एनफील्ड बुलेट और अन्य मोटरसाइकिलों के दीवाने हर जगह मौजूद हैं. इस कंपनी द्वारा उत्पादित बाइक को यूरोप और अमेरिका में जैसे देशों में भी निर्यात किया जाता है.

रेमंड

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मुंबई की यह कंपनी भारत के फैब्रिक मार्केट में लगभग 60% शेयर रखती है. साथ ही यह दुनिया में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले फैब्रिक ब्रांड में से एक है. इसके उत्पाद लगभग 55 देशों में निर्यात किए जाते हैं, जिनमें संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, यूरोप और जापान जैसे देश शामिल है.

एमआरएफ

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एमआरएफ का पूरा नाम है मद्रास रबर फैक्ट्री. इस कंपनी को 1940 में मात्र 14,000 रुपए के साथ शुरू किया गया था. ये आज दुनिया के लीडिंग ब्रांड्स में से एक है. ये कंपनी आज टायर, खिलौने, मोटरस्पोर्ट्स और क्रिकेट ट्रेनिंग के सामान बनाती है.

अमूल

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अमूल की स्थापना गुजरात सहकारी दूध विपणन संघ द्वारा 1946 में की गई थी. भारत में श्वेत क्रांति लाने का श्रेय इसी ब्रांड को जाता है. भारत के साथ-साथ विदेशों में भी इस ब्रांड के प्रति लोगों की विश्वसनीयता काफी ज्यादा है.

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