दुनिया के चौथे सबसे बड़े एयरपोर्ट से हर साल 50 लाख यात्री भरेंगे उड़ान

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दिल्ली से बेहद करीब बनने जा रहे जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से शुरुआत में सालाना पचास लाख यात्री सफर करेंगे. इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की यात्री संख्या में बगैर कटौती पैसेंजर उड़ान के लिए पूरी तरह से सक्षम होगा. पीडब्ल्यूसी (प्राइस वाटर हाउस कूपर्स) ने विभिन्न जिलों में सर्वे के आधार पर जेवर हवाई अड्डे के लिए यात्री संख्या का अनुमान लगाया है.

जेवर हवाई अड्डे से 2022 तक यात्री सेवाओं के शुरू होने की उम्मीद है. यमुना प्राधिकरण के जेवर हवाई अड्डे की सैद्धांतिक मंजूरी लेने के लिए पीडब्ल्यूसी से तकनीकी आर्थिक रिपोर्ट तैयार कराई है.

एजेंसी ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा एवं राजस्थान के राष्ट्रीय राजधानी से सटे 142 जिले में सर्वे के बाद जो रिपोर्ट दी है. इसके अनुसार जेवर हवाई अड्डे की शुरुआत में यात्री संख्या सालाना पचास लाख रहने का अनुमान है. किसी भी नए हवाई अड्डे पर यात्री सेवाएं शुरू करने के लिए यात्रियों की दृष्टि से यह संख्या पर्याप्त है.

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यही नहीं जेवर हवाई अड्डे के लिए यात्रियों का यह अनुमान आइजीआइ पर यात्रियों की संख्या में बगैर किसी कटौती के है. आइजीआइ पर यात्रियों का सबसे अधिक दबाव दिल्ली, हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का है.

इन जिलों से मिलेंगे जेवर हवाई अड्डे के लिए यात्री

जेवर हवाई अड्डे के लिए यात्रियों बुलंदशहर, अलीगढ़, बदायूं, आगरा, भरतपुर, मथुरा, हाथरस, एटा, रामपुर, मुरादाबाद, बरेली, बिजनौर, अमरोहा आदि से उपलब्ध होगी. इसके अलावा गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद के लोग भी जेवर हवाई अड्डे से यात्रा शुरू करना पसंद करेंगे. इनमें से कई जिले ऐसे हैं, जिनके लोगों का कारोबार दुनिया के कई देशों में होता है.

छह हजार लोगों का सर्वे

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हवाई यात्र का दूसरा विकल्प मिलने के बाद लोगों की रुचि दोनों हवाई अड्डे में से किस में अधिक होगी, यह जानने के लिए सर्वे कराया गया है. छह हजार लोगों की राय ली गई है. लोगों को प्रश्नावली देकर उनके जवाब लिए गए हैं.

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