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ऐसे पुलिस ऑफिसर, जिन्हें मिली थी Z+ सुरक्षा, अंडरवर्ल्ड से था खतरा

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मुंबई पुलिस के हीरो और पूर्व एटीएस चीफ हिमांशु रॉय ने बीते कुछ दिन पहले अपने घर पर गोली मारकर हत्या कर ली. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वो कुछ दिन से बीमारी से जूझ रहे थे डॉक्टर के मुताबिक वो कैंसर से पीड़ित थे और पिछले लंबे समय से छुट्टी पर चल रहे थे. वो बीमारी से ज्यादा परेशान रहने की वजह से खुद को गोली मारकर हत्या कर ली .

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कहा जाता है की हिमांशु राय अंडरवर्ल्ड का सफाया करने के लिए जाना जाता था. वो  दाऊद इब्राहिम मामले से लेकर कई बड़े केशो में सफलता हासिल की और बड़े ही बहादुरी से अपने ड्यूटी निभाते रहे . अंडरवर्ल्ड की इस जिस तरह उन्होंने अंडरवर्ल्ड का मुंबई से सफाया किया, उससे उनकी जान को हमेशा खतरा बना रहता था. यही वजह से थी कि उन्हें Z+ सिक्योरिटी दी गई थी.

हिमांशु रॉय इकलौते ऐसे पुलिस ऑफिसर थे, जिन्हें Z+ सुरक्षा दी गई थी. उनके अलावा मुंबई पूर्व पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया को भी जेड श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी. लेकिन, हिमांशु रॉय को उनसे भी ऊपर की सुरक्षा मिली थी. बताया जाता है कि दाऊद के ग्रुप डी कंपनी को मुंबई से तोड़ने का काम उन्होंने ही किया था, जिसकी वजह से वह अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद के निशाने पर थे.

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बता दें, भारत में चार तरह की सुरक्षा दी जाती हैं, जिनमें एक्स, वाई, जेड और Z+ सुरक्षा शामिल हैं. लेकिन, Z+ सुरक्षा सिर्फ मुख्यमंत्रियों, सुप्रीम कोर्ट के जज और कैबिनेट मंत्रियों को दी जाती है. जेड प्लस कैटेगरी में 36 सुरक्षाकर्मी होते हैं. इनमें 10 एनएसजी, एसपीजी कमांडो होते हैं. शेष पुलिस के दल के लोग होते हैं. सुरक्षा के पहले घेरे की जिम्मेदारी एनएसजी की होती है. जबकि दूसरी लेयर में एसपीजी के जवान होते हैं.

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