इस मंदिर में पत्थर चढाने से होगी मुराद पूरी, मंदिर में होता है ऐसा

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भारत एक धार्मिकदेश है यहाँ के लोगो का भगवान पर ज्यादा विश्वास करते हैं. कहीं भगवान की सेवा के लिए लोग सोना-जवाहरात चढाते हैं. कहीं भगवान को प्रसाद के रूप में फल-फुल, मिठाई चढाते हैं. आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताते हैं जहाँ भगवान को खुश करने के लिए पत्थर को चढ़ाया जाता है.

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यह कर्णाटक के मंड्या का मंदिर है 

यह मंदिर कर्नाटक के मांड्या के किरागांदुरू-बेविनाहल्ली रोड पर स्थित “कोटिकालिना काडू बसप्पा” है. इस अनोखे मंदिर में भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने पर पत्थर का चढावा चढाते हैं. यह मंदिर बैंगलुरु-मैसूर नेशनल हाईवे पर मांड्या शहर से महज 2 किलोमीटर की दूरी पर बना हुआ है.

मंदिर में श्रद्वालु चढाते हैं पत्थर का चढावा

इस मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं भगवान को किसी भी आकार का पत्थर समर्पित कर सकते हैं. इस मंदिर में भगवान को सिर्फ 3 से 5 पत्थरों का ही चढावा चढाया जाता है. इस मंदिर के बाहर विभिन्न आकार के ढेर सारे पत्थर जमा हो गए हैं.

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मंदिर में पूजा करने के लिए कोई पुजारी नहीं

कोटिकालिना काडू बसप्पा मंदिर की खासियत ये है कि यहां पूजा-अर्चना के लिए कोई भी पुजारी नहीं है. इसका कोई स्थायी ढांचा भी नहीं है. इस मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले भक्त ही खुद ही पूजा करते हैं. इस मंदिर में भगवान शिव की एक मूर्ति भी स्थापित है, जिन्हें स्थानीय लोगों भगवान काडू का दर्जा दिया हुआ है. जब भी किसी इंसान की मनोकामना पूरी होती है, तो वो अपने खेत या फिर जमीन से पत्थर लाकर यहां चढा देता है. कोटिकालिना काडू बसप्पा मंदिर में आने वाले ज्यादातर श्रद्धालु किसान होते हैं. वो अपने सुखद जीवन या फिर अच्छी फसल के लिए प्रार्थना करते हैं. फसलों की कटाई के बाद किसान मंदिर में जाकर 3 या 5 पत्थरों का चढावा चढाते हैं.

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